दुख भोगने वाला आगे चलकर सुखी हो सकता है, लेकिन दुख देने वाला  कभी सुखी नहीं हो सकता।

1

जरूरत से ज्यादा वक्त और इज्जत देने से लोग आप को गिरा हुआ समझने लगते हैं।

2

झुको केवल उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना केवल दूसरों के अहम को बढ़ावा देता है।

3

स्वाभिमान इतना भी मत बढ़ाना की अभिमान बन जाए और अभिमान इतना भी मत करना की स्वाभिमान मिट जाए।

4

जो व्यक्ति अपनी गलतियों के लिए अपने आप से लड़ता है, उसको कोई नहीं हरा सकता।

5

किसी के बुरे वक्त पर हंसने की गलती मत करना, ये वक्त है चेहरे याद रखता है ।

6

नमक की तरह कड़वा ज्ञान देने वाला ही सच्चा मित्र होता है, इतिहास गवाह है कि आज तक कभी नमक में कीड़े नहीं  पडे।

7

चाणक्य नीति कहती है कि कभी किसी को धोखा नहीं देना चाहिए. धोखा देना सबसे बुरी आदतों में से एक है

8