love hindi shayri

दीवाना हूँ तेरा मुझे इंकार तो नही, कैसे मैं कह दूँ मुझे प्यार नही, कुछ शरारत तो तेरी निगाहों की भी थी, मैं अकेला इसका गुनहगार तो नही।

दिल पर आये इल्ज़ाम से पहचानते हैं, अब लोग तो मुझे तेरे नाम से पहचानते हैं।

मोहब्बत का कोई मुकाम नही होता है, वो जो रास्ता होता हैं न वही खूबसूरत तमाम होता है।

आपकी चाहत हमारी कहानी है ये कहानी इस वक़्त की मेहरबानी है हमारी मौत का तो पता नहीं पर हमारी ये ज़िंदगानी सिर्फ आपकी दीवानी है।

ख्वाइश है तुझे अपना बनाने की, और कोई ख्वाइश नही इस दीवाने की, शिकायत मुझे तुझसे नही खुदा से है, क्या ज़रूरत थी तुझे इतना खूबसूरत बनाने की।

आप दिल से दूर हैं और पास भी, तुम लवो की हँसी हो, और आँसू भि , आप दिल का सुकून हो,और बेचैनी भी, तुम हमारी अमानत हो,और एक सपना भि।