बेस्ट हिंदी ब्रेक अप  शायरी

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको ख़ुशी है की हम उम्मीद पर खरे उतरे

मुद्दतों जिसको तलाशा आज वो मेरे करीब है अपना प्यार पाना भी कहाँ सबको नसीब है

अदा है ख्वाब है तकसीम है तमाशा है मेरी इन आँखों में एक शख्स बेतहाशा है

दिल लेके मुफ्त में कहते है कुछ काम का नहीं उलटी शिकायत है एहसान तो गया

राज़ खोल देते हैं नाजुक से इशारे अक्सर कितनी खामोश मोहब्बत की जुबान होती है

कोई रिश्ता जो न होता, तो वो खफा क्यों होता ये बेरुखी, उसकी मोहब्बत का पता देती है