स्वास्थ्य ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है, इसका एहसास तब होता है जब हम इसे खो देते हैं।

स्वास्थ्य बीमा के चलते धारक को आपात चिकित्सा ज़रूरत में तुरंत पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ती।

प्रायः हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का देश के प्रमुख अस्पतालों के साथ अनुबंध होता है जिसकी बदौलत कैशलेस उपचार संभव हो पाता है।

अगर किसी कारण इलाज कैशलेस संभव नहीं होता तो इलाज में हुआ ख़र्च बीमा कंपनी बाद में वापस कर देती है।

। यह उपचार, देखभाल और सर्जिकल जैसे विभिन्न ख़र्चों पर लागू होता है।

पॉलिसी का शुल्क उस पर मिलने वाली सुविधाओं या बीमित राशि की सीमा पर निर्भर करता है।