पहला 

कृष्ण जन्माष्टमी भगवान् श्री कृष्णा के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है 

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था

दूसरा

लेकिन कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र दोनों एक ही दिन नहीं होते

तीसरा 

इस बार भी कृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ नहीं मिल रहे हैं। 18 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 21 मिनट के बाद

चौथा 

अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगी, जो 19 अगस्त को रात्रि 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी

पांचवा 

वहीं रोहिणी नक्षत्र का आरंभ 19 अगस्त को रात्रि 01 बजकर 54 मिनट से होगा

छटवां 

19 अगस्त को श्रीकृष्ण  जन्मोत्सव का पर्व मनाया जाएगा

सातवाँ 

हिंदू धर्म में ये योग बेहद खास माने गए हैं।  इस योग में किए गए कार्यों का परिणाम शुभ होता है

आठवां