जिनके मन में सदैव दूसरे का हित करने की अभिलाषा रहती है। अथवा जो सदा दूसरों की सहायता करने में लगे रहते हैं, उनके लिए संपूर्ण जगत में कुछ भी दुर्लभ नहीं है

उदास ना होना, कुंठित ना होना, अथवा मन को टूटने ना देना ही सुख और समृद्धि का आधार है

यदि आप सही हैं, तो आपको गुस्सा होने की कोई जरूरत नहीं और यदि आप गलत है, तो आपको गुस्सा होने का कोई हक नहीं।

अभिमानी व्यक्ति, चाहे वह आपका गुरु, पिता व उम्र अथवा ज्ञान में बड़ा भी हो, उसे सही दिशा दिखाना अति आवश्यक होता है

उत्साह हीनं, निर्बल और दुख में डूबा हुआ व्यक्ति कोई अच्छा कार्य नहीं कर सकता। अतः वह धीरे-धीरे दुख की गहराई में डूब जाता है।

दया, सद्भावना और मानवीयता महा पुण्यकारी गुण है

चरित्रहीन व्यक्ति की मित्रता उस पानी की बूंद की भांति होती है, जो कमल फूल की पत्ती पर होते हुए भी उससे चिपक नहीं सकती।

अपने जीवन का अंत कर देने में कोई अच्छाई नहीं होती  सुख और आनंद का रास्ता जीवन से ही निकलता है।

केवल डरपोक और कमजोर ही चीजों को भाग्य पर छोड़ते हैं। लेकिन मजबूत और खुद पर भरोसा करने वाले होते हैं, वे कभी भी नियति और भाग्य पर निर्भर नहीं रहते।

यदि जीवित रहेंगे तो सुख और आनंद की प्राप्ति कभी ना कभी अवश्य होगी।