आज्ञा देने की क्षमता प्राप्त करने से पहले प्रत्येक व्यक्ति की आज्ञा का पालन करना सीखना चाहिए।

किसी मकसद के लिए खड़े हों तो एक पेड़ की तरह, गिरो तो एक बीज की तरह। ताकि दुबारा उगकर

हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं।

किसी मकसद के लिए खड़े हों तो एक पेड़ की तरह, गिरो तो एक बीज की तरह। ताकि दुबारा उगकर उसी मकसद के लिए जंग कर सको।

जो तुम सोचोगे हो वो हो जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे

केवल ज्ञान होने से कुछ फायदा नहीं है, वह कब और कैसे इस्तेमाल किया जाये इसका ज्ञान होना आवश्यक है।

 जिंदगी का रास्ता बना बनाया नहीं मिलता है, स्वयं को बनाना पड़ता है, जिसने जैसा मार्ग बनाया उसे वैसी ही मंजिल मिलती है।

 यह कभी मत कहो कि ‘मैं नहीं कर सकता’, क्योंकि आप अनंत हैं, आप कुछ भी कर सकते हैं।

संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाना